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भाई पानी ले आओ, पहले ही कहा था कि कमीनी लगती है


एक महिला तोता लेने के लिए दुकान गई। उसे वहां एक तोता पसंद आया।
उस महिला ने दुकानदार से पूछा कि इस तोते की कोई विशेषता है?
दुकानदार ने बताया कि यह तोता एकदम सत्य बोलता है।
महिला ने उस तोते की तरफ मुंह किया और बोली कि मैं कैसी दिखती हूं?
तोते ने कहा-एकदम बकवास लग रही हो, चुडैल लग रही हो, कमीनी लग रही हो।
महिला नाराज हो गई। उसने दुकानदार से कहा कि ये तो गाली देता है। इसे कैसे खरीदें?
दुकानदार तोते को अंदर ले गया और उसको पानी में डुबो दिया। पानी से निकालने के बाद दुकानदार ने तोते से पूछा कि अब गाली देगा?
तोता बोला हां दूंगा।
दुकानदार ने उसे फिर से पानी में डुबो दिया। निकालने के बाद फिर पूछा कि अब गाली देगा?
तोते ने कहा-नहीं अब गाली नहीं दूंगा।
दुकानदार तोते को बाहर लाया और महिला से बोला कि अब पूछिये, अब यह गाली नहीं देगा।
महिला ने उस तोते से पूछा कि यदि मेरे घर पर एक आदमी आये तो तुम क्या सोचोगे?
तोता बोला-वो आपके पति होंगे।
महिला ने फिर पूछा कि यदि दो आदमी आयें तो क्या सोचोगे?
तोता बोला-एक आपके पति और दूसरा आपका देवर।
महिला ने फिर पूछा कि यदि तीन आदमी आयें तो?
तोता बोला-एक आपके पति, एक देवर और एक आपका भाई।
महिला आगे बोली यदि चार आदमी आयें तो?
अबकी तोते ने दुकानदार की तरफ मुंह किया और बोला कि भाई पानी का टब ले, आओ मैंने पहले ही कहा था कि एकदम कमीनी लगती है।

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चित्र गूगल छवियों से साभार लिया है

संता को हो गया स्वाइन फ़्लू!!!!

यदि संता बंता के रूप में कुछ कहा जाये तो किसी को आपत्ति नहीं होगी, ऐसा विश्वास तो किया ही जा सकता है?
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संता - यार बंता लगता है मुझे स्वाइन फ़्लू हो गया है?
बंता - अबे, तुझे कैसे मालूम हुआ?
संता - कुछ न पूछ, कल से उड़ने का बहुत मन कर रहा है।

असफल हर व्यवसाय में रहे


चार मित्रों ने मिल कर किसी व्यवसाय को करने की सोची। मिलकर पैसा लगाया और एक आटो गैरेज खोला, जिसमें कार आदि सुधारने का काम शुरू किया गया। लगभग दो माह बीत गये कोई भी अपनी कार या कोई दूसरा वाहन भी सुधरवाने नहीं आया।
कारण-आटो गैरेज एक इमारत की तीसरी मंजिल पर था, कोई वाहन लेकर कैसे आता?
उन मित्रों ने सोचा कि इस व्यवसाय के स्थान पर कोई दूसरा काम शुरू किया जाये। बहुत विचार किया तो लगा कि फास्ट फूड का काम अच्छा है। यह सोच कर गैरेज का सामान बेचा और मिले धन से उसी स्थन पर एक रेस्टोरेंट खोला। लगभग दो माह बीत गये किन्तु कोई भी उनके रेस्टोरेंट में कुछ भी खाने को नहीं आया।
कारण-रेस्टोरेंट तो खोल दिया किन्तु उस पर से आटो गैरेज का बोर्ड नहीं उतारा।
इस व्यवसाय में भी असफल होने के बाद उन मित्रों ने कोई दूसरा काम करने की सोची। रेस्टोरेंट का सामान बेचा और एक टैक्सी खरीदी। सारे दिन शहर में टैक्सी घुमाते किन्तु कोई भी नहीं बैठता। इस तरह भी लगभग दो माह बीत गये किन्तु एक भी सवारी उनकी टैक्सी में नहीं बैठी।
कारण-टैक्सी में में दो मित्र आगे की सीट पर बैठे रहते और दो मित्र पीछे की सीट पर बैठे रहते।
गुस्से में आकर उन दोस्तों ने कार को कहीं फेंक आने का फैसला किया। बहुत कोशिश के बाद वे उसे एक पहाड़ी पर ले जाने में सफल रहे। कार को गिराने के लिए धक्का लगाना शुरू किया किन्तु तमाम प्रयासों के बाद भी कार पहाड़ी से नीचे नहीं गिरी।
कारण-दो दोस्त कार को आगे से धक्का लगा रहे थे और दो दोस्त पीछे से।

परेशां करेंगे हरहाल में

कुछ लोग होते हैं जिनको हर उस काम में मजा आता है जिसके द्वारा दूसरे लोग परेशां हों। इस तरह के लोग अपने जीवन का एक-एक पल लोगों को परेशां करने में बिता देते हैं।

ऐसा ही एक व्यक्ति था उसे सभी को परेशां करने में बहुत ही मजा आता था. समूचा गाँव उससे परेशां रहता था. अपने अन्तिम समय में जब वह व्यक्ति आया और चारपाई पर पड़ गया तो उसको लगा कि अब वह किसी को परेशां नहीं कर पायेगा. ऐसा विचार आते ही वह इस तरह की तरकीब सोचने लगा कि कैसे उसके मरने के बाद भी इस गाँव के लोग परेशान रहें। एक दिन जब उस व्यक्ति को लगा कि अब वह मरने वाला है तो उसने उस गाँव के प्रधान को बुलाकर कहा-"मैंने अभी तक, आज तक तुम सब लोगों को बहुत परेशां किया है. अब अपने अंत समय में मैं प्रायश्चित करना चाहता हूँ."

प्रधान ने उसका हाथ अपने हाथ में लेकर उसका प्रायश्चित पूछा। उस व्यक्ति ने कहा-"जब मैं मर जाऊं तो मेरे मुंह में लकड़ी का एक खूंटा ठोंक देना. यही मेरा प्रायश्चित होगा."

उस व्यक्ति के मरने के बाद गाँव वालों ने उसके प्रायश्चित के लिए उसके मुंह में लकड़ी का खूंटा ठोंक दिया. उस के क्रिया-कलाप के लिए, अन्तिम संस्कार के लिए अन्तिम यात्रा श्मशान के लिए निकाली गई. उस रास्ते में एक पुलिस थाना पड़ता था. पुलिस वालों ने देखा कि अर्थी में कफ़न उठा हुआ है तो उनको शक हुआ. पुलिस के अधिकारी ने अर्थी को रोक कर कफ़न खुलवाया तो देखा कि मृत व्यक्ति के मुंह में लकड़ी का खूंटा ठुका है. पुलिस ने सभी को उस व्यक्ति की हत्या करने के आरोप में बंद कर दिया. अब सभी लोग हवालात में थे। परेशान हुए.............बाद में गाँव के कुछ सभ्य, पढ़े-लिखे लोगों के पूरा किस्सा बताने पर उन गाँव वालों को छोड़ा गया.

(इस व्यक्ति जैसी हरकतें क्या पाकिस्तान की नहीं हैं?)